कायशोधन तीर्य कसूहन
शरीर शुद्धि कारक तीर्थ
यह तीर्थ काया अर्थात् देह को शुद्ध करने वाला है। महाभारत के अनुसार कायशोधन तीर्थ में जाकर स्नान करने वाले मनुष्य के शरीर की शुद्धि हो जाती है इसमें कोई संशय नहीं है। वामन पुराण के अनुसार इस तीर्थ के सेवन से मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। इस तीर्थ का सेवन करने के पश्चात् किसी अन्य तीर्थ में जाने की आवश्यकता नहीं रहती। कहा जाता है कि महाराजा पटियाला का कुष्ठ रोग भी इस तीर्थ के स्नान से दूर हो गया था।
Kayashodhan Tirtha Kasuhan
The tirtha that purifies the human body
According to the Mahabharata, there remains no doubt in purifying the body of a person who takes sacred bath in the waters of Kayashodhan tirtha. According to the Vaman Puran, by taking bath in this tirtha, a person gets freed from the cycle of birth and death. The Purana further state that, after visiting this tirtha, there is no need to visit any other tirthas. It is said that the leprosy of the king of Patiala was also cured after bathing in this tirtha.