काव्य तीर्थ नामक यह तीर्थ कैथल-पुण्डरी-राजोंद मार्ग पर कैथल से लगभग 24 कि.मी. दूर करोड़ा नामक ग्राम में स्थित है।
प्रचलित जनश्रुति के अनुसार उक्त तीर्थ महाभारत एवं वामन पुराण में वर्णित कोटि तीर्थ ही है। इस तीर्थ को कुरुक्षेत्र की 48 कोस भूमि का केन्द्र बिन्दु माना जाता है। प्रचलित किम्वदन्तियों के अनुसार ब्रह्मा जी ने इसी स्थान पर यज्ञ किया था।
प्रचलित मान्यता के अनुसार यदि माघ मास की एकादशी रविवार के दिन पड़े तो यहां स्नान करने से कोटि यज्ञों के करने का पुण्य फल प्राप्त होता है।
यहाँ स्थित तीर्थ सरोवर लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत है। तीर्थ परिसर में कुल तीन मन्दिर हैं जिनमें से एक उत्तर मध्यकालीन तथा दो आधुनिक मन्दिर हैं।

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