Upcoming Event

Tuesday, July 30, 2019 / Whole day
श्रावण शिवरात्रि मेला,अरुणाय तीर्थ पेहवा

अरुणाय नामक यह तीर्थ कुरुक्षेत्र से लगभग 28 कि.मी. तथा पिहोवा से लगभग 6 कि.मी. की दूरी पर अरुणाय नामक ग्राम में स्थित है। इस तीर्थ की उत्पत्ति की कथा ऋषि विश्वामित्र एवं वशिष्ठ से…

Thursday, August 8, 2019 / Whole day
श्रावण अष्टमी मेला,गंधर्व तीर्थ गोहरां खेड़ी (कैथल)

गन्धर्व नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 21 कि.मी. दूर ग्राम गोहरां खेड़ी में स्थित है। इस तीर्थ का वर्णन महाभारत और पद्मपुराण में मिलता है। गन्धर्वों से सम्बन्धित होने के कारण ही इसे गन्धर्व…

Friday, August 23, 2019 / Whole day
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला,नाभिकमल तीर्थ (कुरुक्षेत्र)

कुरुक्षेत्र का यह प्रमुख तीर्थ थानेसर शहर के पश्चिम में थानेसर-बगथला मार्ग पर राजा हर्ष के किले के दक्षिण में स्थित है। इस तीर्थ का संबन्ध भगवान विष्णु से है। कहा जाता है कि इसी…

Monday, August 26, 2019 / Whole day
भाद्रपद कृष्ण एकादशी मेला, देवी तीर्थ कलशी (कैथल)

देवी तीर्थ नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 2 कि.मी. दूर कैथल-करनाल मार्ग पर गांव देवीगढ़ की सीमा पर स्थित है जो किंदान जप वाले कुण्ड जोहड़ के नाम से जाना जाता है। कलशी स्थित…

Thursday, August 29, 2019 / Whole day
भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी मेला, आपगा तीर्थ, गादली (कैथल)

आपगा नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 8 कि.मी. दूर गादली ग्राम में स्थित है। प्राचीन काल में यह तीर्थ सरस्वती की सहायक आपगा नदी पर स्थित था। महाभारत तथा वामन पुराण दोनों में ही…

Sunday, September 8, 2019 / 12:00 AM : 12:00 AM
शरद नवरात्रि मेला,भद्रकाली मन्दिर कुरुक्षेत्र

कुरुक्षेत्र में झाँसा रोड पर स्थित यह शक्तिपीठ देश के 52 शक्तिपीठांे में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कनखल में राजा दक्ष की पुत्री सती ने राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में अपने…

Monday, September 9, 2019 / Whole day
भाद्रपद शुक्ल एकादशी मेला, देवी तीर्थ, कलशी (कैथल)

देवी तीर्थ नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 2 कि.मी. दूर कैथल-करनाल मार्ग पर गांव देवीगढ़ की सीमा पर स्थित है जो किंदान जप वाले कुण्ड जोहड़ के नाम से जाना जाता है। कलशी स्थित…

Tuesday, September 10, 2019 / Whole day
वामन द्वादशी मेला, सन्निहित सरोवर (कुरुक्षेत्र)

सन्निहित तीर्थ की गणना कुरुक्षेत्र के प्राचीन एवं पवित्र तीर्थों में की जाती है। वामन पुराण के अनुसार यह तीर्थ रन्तुक से लेकर ओजस तक, पावन से चतुर्मुख तक विस्तृत था। रन्तुकादौजसं यावत् पावनाच्च चतुर्मुखम्।…

Saturday, September 14, 2019 / Whole day
भाद्रपद पूर्णिमा मेला, ब्रह्मोदुम्बर तीर्थ, शीला खेड़ी (कैथल)

ब्रह्मोदुम्बर तीर्थ नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 8 कि.मी. दूर शीला खेड़ी ग्राम में स्थित है। ब्रह्मोदुम्बर नामक उक्त तीर्थ का उल्लेख महाभारत एवं वामन पुराण दोनों मंे मिलता है। महाभारत के वन पर्व…

Sunday, October 6, 2019 / Whole day
आश्विन अष्टमी मेला, कुकृत्यनाशन तीर्थ, कौकत (कैथल)

कुकृत्यनाशन नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 10 कि.मी. दूर कैथल-करनाल मार्ग के पहुँचायक मार्ग पर काकौत नामक ग्राम के उत्तर-पूर्व में स्थित है। इस तीर्थ के नाम से ही इसका अर्थ व महत्त्व स्पष्ट…

Sunday, October 27, 2019 / Whole day
कार्तिक अमावस्या मेला, पृथ्वी तीर्थ बालू (करनाल)

पृथ्वी तीर्थ करनाल से लगभग 18 कि.मी. दूर बालू नामक ग्राम में स्थित है। महाभारत के तीर्थों के क्रमिक वर्णन में पारिप्लव तीर्थ के तुरन्त पश्चात् पृथ्वी तीर्थ का नामोल्लेख मिलता है। महाभारत में इस…

Saturday, November 2, 2019 / Whole day
छट पुजा, ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र

ब्रह्म सरोवर की गणना कुरुक्षेत्र के प्रमुख तीर्थों में होती है। यह तीर्थ ब्रह्मा से सम्बधित होने के कारण ब्रह्म सरोवर नाम से प्रसिद्ध हुआ जिसे सृष्टि का आदि तीर्थ माना जाता है। महर्षि लोमहर्षण…

Tuesday, November 12, 2019 / Whole day
कार्तिक पूर्णिमा मेला, ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर (कुरुक्षेत्र)

ब्रह्म सरोवर की गणना कुरुक्षेत्र के प्रमुख तीर्थों में होती है। यह तीर्थ ब्रह्मा से सम्बधित होने के कारण ब्रह्म सरोवर नाम से प्रसिद्ध हुआ जिसे सृष्टि का आदि तीर्थ माना जाता है। महर्षि लोमहर्षण…

Sunday, December 8, 2019 / Whole day
गीता जयंती, ब्रह्मसरोवर, कुरुक्षेत्र

ब्रह्म सरोवर की गणना कुरुक्षेत्र के प्रमुख तीर्थों में होती है। यह तीर्थ ब्रह्मा से सम्बधित होने के कारण ब्रह्म सरोवर नाम से प्रसिद्ध हुआ जिसे सृष्टि का आदि तीर्थ माना जाता है। महर्षि लोमहर्षण…

Tuesday, February 4, 2020 / Whole day
सोमावती अमावस्या मेला, ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर (कुरुक्षेत्र)

सन्निहित तीर्थ की गणना कुरुक्षेत्र के प्राचीन एवं पवित्र तीर्थों में की जाती है। वामन पुराण के अनुसार यह तीर्थ रन्तुक से लेकर ओजस तक, पावन से चतुर्मुख तक विस्तृत था। रन्तुकादौजसं यावत् पावनाच्च चतुर्मुखम्।…

Thursday, February 13, 2020 / Whole day
सरस्वती पूजा, सरस्वती तीर्थ, पिहोवा

यह तीर्थ कुरुक्षेत्र से लगभग 28 कि.मी. की दूरी पर पिहोवा में सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। ब्रह्माण्ड पुराण के 43 वें अध्याय में वर्णित कथा के अनुसार सृष्टि रचना के समय समाधि…

Friday, February 21, 2020 / Whole day
फाल्गुन शिवरात्रि मेला, अरुणाय तीर्थ पेहवा, अदिति तीर्थ अमीन

अरुणाय नामक यह तीर्थ कुरुक्षेत्र से लगभग 28 कि.मी. तथा पिहोवा से लगभग 6 कि.मी. की दूरी पर अरुणाय नामक ग्राम में स्थित है। इस तीर्थ की उत्पत्ति की कथा ऋषि विश्वामित्र एवं वशिष्ठ से…

Monday, March 9, 2020 / Whole day
होली मेला,विमलसर तीर्थ, सग्गा (करनाल)

विमलसर नामक यह तीर्थ, करनाल से लगभग 24 कि.मी दूर सग्गा ग्राम में स्थित है। पौराणिक साहित्य में वामन पुराण के अन्तर्गत इस तीर्थ का धार्मिक महत्त्व बताते हुए स्पष्ट रूप से इसका नामोल्लेख मिलता…

Monday, March 23, 2020 / Whole day
चैत्र चैदस मेला,सरस्वती तीर्थ पेहवा (कुरुक्षेत्र)

यह तीर्थ कुरुक्षेत्र से लगभग 28 कि.मी. की दूरी पर पिहोवा में सरस्वती नदी के तट पर स्थित है। ब्रह्माण्ड पुराण के 43 वें अध्याय में वर्णित कथा के अनुसार सृष्टि रचना के समय समाधि…

Monday, March 23, 2020 / Whole day
कुरुक्षेत्र की अष्टकोशी,नाभिकमल तीर्थ से प्रारंभ होकर कार्तिक, परिक्रमा मंदिर, स्थानेश्वर महादेव मंदिर, भद्रकाली मंदिर, कुबेर तीर्थ, सरसस्वती खेड़ी रामनगर, रंतुक यक्ष पिपली,शिव मंदिर पलवल, बाणगंगा दयालपुर, भीष्म कुण्ड,नरकातारी से होकर अन्त में नाभिकमल मंदिर थानेसर में सम्पन्न

कुरुक्षेत्र का यह प्रमुख तीर्थ थानेसर शहर के पश्चिम में थानेसर-बगथला मार्ग पर राजा हर्ष के किले के दक्षिण में स्थित है। इस तीर्थ का संबन्ध भगवान विष्णु से है। कहा जाता है कि इसी…

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